प्रीमियम का हिसाब और Portability
हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम कैसे बनता है, उस पर कौन सा टैक्स लगता है, senior citizen के प्रीमियम की बढ़ोतरी पर क्या सीमा है, और portability से पॉलिसीधारक अब तक कमाए गए credit खोए बिना बीमा कंपनी कैसे बदल सकता है।
प्रीमियम में क्या-क्या जुड़ता है
हेल्थ प्रीमियम बीमा कंपनी तय करती है। इसमें आम तौर पर ये बातें देखी जाती हैं: उम्र, sum insured, कवर किए गए लोगों की संख्या, रहने की जगह और सेहत का पिछला इतिहास। इनमें उम्र आम तौर पर सबसे अहम होती है। बीमा कंपनियाँ कीमत उम्र के बैंड के हिसाब से रखती हैं। बीमित व्यक्ति जब बड़ी उम्र के बैंड में जाता है तो प्रीमियम बढ़ता है, क्योंकि उम्र के साथ क्लेम की संभावना बढ़ती है। यह कितनी तेज़ी से बढ़ता है, यह हर बीमा कंपनी में अलग होता है।
कई बीमा कंपनियाँ कीमत ज़ोन के हिसाब से भी रखती हैं। जहाँ इलाज महँगा है, आम तौर पर बड़े मेट्रो शहरों में, वहाँ वे ज़्यादा प्रीमियम लेती हैं। ज़ोन कौन से होंगे और फ़र्क कितना होगा, यह हर बीमा कंपनी का अपना फ़ैसला है। Loading बेस प्रीमियम पर लगने वाला एक्स्ट्रा चार्ज है। यह तब लगता है जब बीमा कंपनी जोखिम को आम से ज़्यादा मानती है, जैसे किसी pre-existing disease या तंबाकू के इस्तेमाल की वजह से। Loading लगेगी या नहीं, और कितनी, यह बीमा कंपनी की underwriting पर निर्भर करता है।
No-claim bonus
जिस साल कोई क्लेम न हो, उस पर no-claim bonus मिल सकता है। IRDAI के Master Circular on Health Insurance Business (29 मई 2024) के तहत यह cumulative bonus के रूप में, यानी बढ़े हुए sum insured के रूप में, और/या प्रीमियम पर छूट के रूप में दिया जाता है। इनमें से क्या लेना है, यह पॉलिसीधारक चुनता है। इसकी दर क्या होगी, और क्लेम होने के बाद bonus का क्या होगा, यह प्रोडक्ट तय करता है।
प्रीमियम पर टैक्स
22 सितंबर 2025 से individual हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर GST नहीं लगता। इसमें family floater और senior citizen की पॉलिसी भी शामिल हैं। पहले यह दर 18% थी। ग्रुप पॉलिसी इस छूट से बाहर हैं और उन पर 18% लगता रहता है।
इनकम टैक्स एक अलग मामला है। Income-tax Act, 2025 की section 126 (पुरानी section 80D) हेल्थ इंश्योरेंस के उस प्रीमियम पर deduction देती है जो नकद के अलावा किसी और तरीके से भरा गया हो। लेकिन यह सिर्फ़ old regime में मिलता है। Default new regime में यह नहीं मिलता।
Senior citizen और portability
IRDAI का 30 जनवरी 2025 का सर्कुलर कहता है कि senior citizen (60 साल और उससे ऊपर) की individual indemnity पॉलिसी का प्रीमियम, IRDAI से पहले राय लिए बिना, साल में 10% से ज़्यादा नहीं बढ़ाया जा सकता।
Portability से indemnity पॉलिसी वाला व्यक्ति दूसरी बीमा कंपनी में जा सकता है और कमाए हुए credit अपने साथ रख सकता है: sum insured, no-claim bonus, जितना waiting period पूरा हो चुका है वह, और moratorium, पहले वाले sum insured की हद तक। मौजूदा बीमा कंपनी को माँगी गई जानकारी 72 घंटे के भीतर देनी होती है। नई बीमा कंपनी को जानकारी मिलने के 5 दिन के भीतर फ़ैसला करना होता है। उसी बीमा कंपनी के किसी दूसरे प्रोडक्ट में जाने को migration कहते हैं, और उसमें भी credit इसी तरह साथ चलते हैं।
नियम एक नज़र में
ज़्यादा sum insured के साथ port करना
उदाहरण: 45 साल की फ़रीदा के पास दो साल से ₹5 लाख की indemnity पॉलिसी है। वे ₹8 लाख के लिए दूसरी बीमा कंपनी में port करती हैं। पहले ₹5 लाख पर उनके दो साल waiting period में गिने जाते हैं। बढ़े हुए ₹3 लाख पर नई पॉलिसी के waiting period नए सिरे से लगते हैं।
Loading, GST और senior citizen वाली सीमा
- मान लीजिए (सिर्फ़ हिसाब समझाने के लिए): individual पॉलिसी का मूल प्रीमियम ₹20,000; बीमा कंपनी 25% की loading लगाती है।
- Loading = 25% × ₹20,000 = ₹5,000। प्रीमियम = ₹20,000 + ₹5,000 = ₹25,000।
- आज GST: कुछ नहीं, इसलिए ₹25,000 भरने होते हैं। 22 सितंबर 2025 से पहले इसी प्रीमियम पर 18% × ₹25,000 = ₹4,500 का GST लगता, और कुल ₹29,500 बनते।
- अगर यह किसी senior citizen की individual indemnity पॉलिसी है: 10% × ₹25,000 = ₹2,500। इसलिए ₹25,000 + ₹2,500 = ₹27,500 से ज़्यादा के रिन्यूअल प्रीमियम के लिए पहले IRDAI की राय लेना ज़रूरी होगा।
नतीजा। आज भरने हैं ₹25,000; अगले साल ₹27,500 से ऊपर जाने के लिए IRDAI की राय लेनी होगी। Loading का प्रतिशत सिर्फ़ उदाहरण के लिए गढ़ा गया है; असली loading हर बीमा कंपनी खुद तय करती है।
मुख्य बातें
- प्रीमियम तय करने में उम्र आम तौर पर सबसे अहम बात है; ज़ोन और loading हर बीमा कंपनी खुद तय करती है।
- 22 सितंबर 2025 से individual हेल्थ प्रीमियम पर GST नहीं लगता; ग्रुप पॉलिसी पर 18% बना हुआ है।
- Senior citizen के individual indemnity प्रीमियम में साल में 10% से ज़्यादा की बढ़ोतरी के लिए पहले IRDAI की राय लेना ज़रूरी है।
- Portability में मौजूदा बीमा कंपनी के पास जानकारी देने के लिए 72 घंटे होते हैं और नई बीमा कंपनी के पास फ़ैसले के लिए 5 दिन।
आम ग़लतफ़हमियाँ
- GST की छूट हर हेल्थ पॉलिसी पर नहीं है। यह individual पॉलिसी पर है, जबकि ग्रुप पॉलिसी पर 18% लगता रहता है।
- 10% का आँकड़ा senior citizen के प्रीमियम की कोई पक्की ऊपरी सीमा नहीं है। यह वह स्तर है जिससे आगे बढ़ाने से पहले बीमा कंपनी को IRDAI की राय लेनी होती है।
- पुरानी सामग्री कहती है कि portability का अनुरोध रिन्यूअल से कम से कम 45 दिन पहले करना होता है; मौजूदा सर्कुलर में ऐसी कोई समय-सीमा नहीं है।
लोग अक्सर पूछते हैं
कोई क्लेम न हो, तब भी प्रीमियम क्यों बढ़ सकता है?
मुख्य वजह यह है कि हेल्थ कवर की कीमत उम्र के बैंड के हिसाब से रखी जाती है, इसलिए बीमित व्यक्ति के बड़ी उम्र के बैंड में जाने पर प्रीमियम बढ़ता है। बीमा कंपनी किसी प्रोडक्ट की दरें बदल भी सकती है। Senior citizen की individual indemnity पॉलिसी में एक साल में 10% से ज़्यादा की बढ़ोतरी के लिए IRDAI की राय लेना ज़रूरी है।
क्या new regime में प्रीमियम पर deduction मिलता है?
नहीं। Section 126 का deduction सिर्फ़ old regime में मिलता है।
Migration और portability में क्या फ़र्क है?
Portability यानी दूसरी बीमा कंपनी में जाना; migration यानी उसी बीमा कंपनी के दूसरे प्रोडक्ट में जाना। दोनों में credit साथ चलते हैं, पहले वाले कवर की हद तक।
यह लेसन किन स्रोतों पर आधारित है
- IRDAI Master Circular on Health Insurance Business (29 मई 2024)
- Senior citizen की हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम में बदलाव पर IRDAI का 30 जनवरी 2025 का सर्कुलर
- GST Council, 56th meeting (3 सितंबर 2025) — 22 सितंबर 2025 से individual हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी को छूट
- Income-tax Act, 2025 — section 126 (पुरानी section 80D) और section 202
इस लेसन के अंग्रेज़ी मूल को इन स्रोतों से मिलाकर स्वतंत्र रूप से जाँचा गया है (8 अक्टूबर 2026)। यह उसी का हिन्दी अनुवाद है, जिसे अंग्रेज़ी से मिलाकर अलग से जाँचा गया है। नियम बदलते रहते हैं: किसी भी आँकड़े पर भरोसा करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording देख लें। यह सिर्फ़ शिक्षा है, सलाह नहीं।

