लेसन 2 / 8 · पेंशन और रिटायरमेंट प्लानिंग

National Pension System (NPS) — ढाँचा, फंड के विकल्प और टैक्स के फ़ायदे

National Pension System कैसे बना है, इसमें कौन क्या करता है, दिसंबर 2025 से non-government और government subscriber के लिए exit के कौन से नियम लागू हैं, और Income-tax Act, 2025 के तहत contribution और निकासी पर इनकम टैक्स कैसे लगता है।

तथ्य-जाँच: 8 अक्टूबर 2026गेम में 4 प्रैक्टिस सवाल

NPS क्या है

National Pension System (NPS) एक defined-contribution रिटायरमेंट स्कीम है, जिसे Pension Fund Regulatory and Development Authority (PFRDA) regulate करता है। Defined-contribution का मतलब है कि कितना पैसा जमा होगा यह पता है, जबकि पेंशन इस पर निर्भर करती है कि कितना contribution किया गया और उस पर कितनी कमाई हुई। NPS 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू हुआ और 2009 में सभी नागरिकों के लिए खोल दिया गया।

हर subscriber का एक Permanent Retirement Account Number (PRAN) होता है। Tier-I पेंशन खाता है, जिसमें सीमित partial withdrawal और vesting पर exit होता है। Tier-II अपनी मर्ज़ी का (voluntary) खाता है, जिससे बिना रोक-टोक पैसा निकाला जा सकता है।

कौन क्या करता है

Central Recordkeeping Agency हर subscriber का खाता रखती है, लेन-देन process करती है और PRAN जारी करती है। Points of Presence subscriber को रजिस्टर करते हैं और उनकी सर्विस करते हैं। Pension fund contribution को निवेश करते हैं। Annuity Service Provider, जो लाइफ बीमा कंपनियाँ हैं, exit पर खरीदी गई पेंशन चुकाते हैं।

दिसंबर 2025 से exit के नियम

PFRDA ने दिसंबर 2025 में exit के नियम बदले, और अब जवाब इस पर निर्भर करता है कि subscriber किस तरह का है। Non-government subscriber की vesting 15 साल बाद या 60 की उम्र पर होती है, और वह 85 की उम्र तक निवेश में बना रह सकता है (पहले 70)। ₹12 लाख से ज़्यादा के corpus के साथ normal exit पर 80% तक एकमुश्त लिया जा सकता है और कम से कम 20% से annuity खरीदनी होती है; पुरानी सामग्री में 60/40 लिखा मिलता है। ₹8 लाख से ₹12 लाख के corpus पर ₹6 लाख एकमुश्त लिए जा सकते हैं और बाकी रकम छह साल या उससे ज़्यादा में फैले unit redemption से ली जाती है, या annuity के रूप में। ₹8 लाख तक हो, तो पूरा corpus निकाला जा सकता है।

Premature exit पर non-government subscriber को corpus का कम से कम 80% annuity खरीदने में लगाना होता है और वह 20% एकमुश्त ले सकता है; ₹5 लाख या उससे कम का corpus पूरा निकाला जा सकता है। Partial withdrawal की इजाज़त अब चार बार है (पहले तीन)। Government subscriber 60/40 के नियम पर ही हैं: 60% तक एकमुश्त और कम से कम 40% annuity के लिए।

Contribution पर और exit पर टैक्स

Subscriber का अपना contribution, वेतन के 10% या gross total income के 20% तक, इनमें से जो लिमिट उस subscriber पर लागू हो, Schedule XV की उन चीज़ों में से एक है जो Income-tax Act, 2025 के section 123 के ₹1.5 लाख के deduction में साझा हैं। Section 124(3) (पुराना section 80CCD(1B)) उस लिमिट के ऊपर ₹50,000 और देता है। दोनों सिर्फ़ old tax regime में मिलते हैं।

Employer के contribution पर section 124(2) (पुराना section 80CCD(2)) के तहत deduction मिलता है: Central या State Government employer के लिए वेतन के 14% तक और बाकी employer के लिए 10% तक; new regime में 14% की लिमिट सभी employer पर लागू होती है।

Exit पर Act का Schedule II corpus के 60% को टैक्स से बाहर रखता है। PFRDA अब non-government subscriber को 80% तक एकमुश्त लेने की इजाज़त देता है, लेकिन टैक्स की wording में अब भी 60% ही लिखा है। इसलिए 60% और 80% के बीच के हिस्से को टैक्स-फ़्री नहीं माना जा सकता। Annuity जैसे-जैसे मिलती है, उस पर पूरा टैक्स लगता है।

दो जुड़ी हुई स्कीम

NPS Vatsalya, जो 18 सितंबर 2024 को शुरू हुई, 18 साल से कम के नाबालिग के लिए खाता है। यह ₹250 से खुलता है और इसमें साल में ₹250 ज़रूरी हैं। माता-पिता का contribution section 124(4) के तहत उसी ₹50,000 के deduction में गिना जाता है, ₹50,000 की मिली-जुली लिमिट के साथ, old regime में। Unified Pension Scheme, 1 अप्रैल 2025 से, NPS वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए है। यह 25 साल की नौकरी के बाद आखिरी 12 महीनों की औसत basic pay के 50% की पेंशन की गारंटी देती है।

नियम एक नज़र में

Normal exit, non-government, corpus ₹12 लाख से ज़्यादा80% तक एकमुश्त; कम से कम 20% annuityPFRDA के exit regulations, दिसंबर 2025 में बदले हुए रूप में; पहले 60/40
Normal exit, non-government, corpus ₹12 लाख तक₹8 लाख तक: पूरा एकमुश्त। ₹8 लाख से ₹12 लाख: ₹6 लाख एकमुश्त, बाकी छह साल या उससे ज़्यादा में unit redemption से, या annuityवही संशोधन
Premature exit, non-governmentकम से कम 80% annuity; corpus ₹5 लाख या उससे कम हो तो पूरी निकासीवही संशोधन
Government subscriber60% तक एकमुश्त; कम से कम 40% annuityदिसंबर 2025 के संशोधन से नहीं बदला
अपने contribution पर अतिरिक्त deduction₹50,000 सालानाIncome-tax Act, 2025, section 124(3) (पुराना 80CCD(1B)); सिर्फ़ old regime
Exit पर टैक्स की छूटCorpus का 60%Income-tax Act, 2025, Schedule II
उदाहरण

एक जैसा corpus, अलग-अलग subscriber

उदाहरण: फ़रीदा अपना डिज़ाइन स्टूडियो चलाती हैं, और मोहन State Government के कर्मचारी हैं। दोनों 60 की उम्र पर पहुँचते हैं और दोनों का NPS corpus ₹12 लाख से ज़्यादा है। फ़रीदा non-government subscriber हैं और 80% तक एकमुश्त ले सकती हैं; मोहन government subscriber हैं और 60/40 पर ही रहते हैं। NPS की एकमुश्त रकम के सवाल का कोई एक जवाब नहीं है, जब तक यह न पता हो कि subscriber किस तरह का है।

हिसाब के साथ उदाहरण

Exit पर corpus को बाँटना

  1. मान लीजिए (सिर्फ़ हिसाब समझाने के लिए): exit पर ₹50,00,000 का corpus।
  2. Non-government, normal exit: ज़्यादा से ज़्यादा एकमुश्त रकम = 80% × ₹50,00,000 = ₹40,00,000; कम से कम annuity की खरीद = 20% × ₹50,00,000 = ₹10,00,000।
  3. टैक्स की wording: 60% × ₹50,00,000 = ₹30,00,000 को Schedule II टैक्स से बाहर रखता है। एकमुश्त रकम के बाकी ₹40,00,000 − ₹30,00,000 = ₹10,00,000 उस wording में नहीं आते।
  4. Government subscriber: ज़्यादा से ज़्यादा एकमुश्त रकम = 60% × ₹50,00,000 = ₹30,00,000; कम से कम annuity की खरीद = ₹20,00,000।
  5. Non-government, premature exit: कम से कम annuity की खरीद = 80% × ₹50,00,000 = ₹40,00,000; एकमुश्त रकम = ₹10,00,000।

नतीजा। ₹50,00,000 पर एकमुश्त रकम ₹40,00,000 तक (non-government, normal exit), ₹30,00,000 तक (government) या ₹10,00,000 (non-government, premature exit) हो सकती है। 60% की टैक्स छूट में सिर्फ़ ₹30,00,000 आते हैं; ₹40,00,000 की एकमुश्त रकम के बाकी ₹10,00,000 पर टैक्स कैसे लगेगा, यह उस wording से तय नहीं होता।

मुख्य बातें

  • Central Recordkeeping Agency खाते रखती है और PRAN जारी करती है; pension fund निवेश करते हैं; लाइफ बीमा कंपनियाँ annuity चुकाती हैं।
  • ₹12 लाख से ज़्यादा corpus वाले non-government subscriber normal exit पर 80% तक एकमुश्त ले सकते हैं; government subscriber 60% पर ही हैं।
  • Premature exit पर non-government subscriber को कम से कम 80% annuity में लगाना होता है, जब तक कि corpus ₹5 लाख या उससे कम न हो।
  • Section 124(3) अपने contribution पर ₹50,000 का अतिरिक्त deduction देता है, सिर्फ़ old regime में।
  • Exit पर टैक्स की छूट की wording corpus के 60% के लिए है।

आम ग़लतफ़हमियाँ

  • 80% की एकमुश्त रकम हर subscriber पर लागू नहीं होती: यह ₹12 लाख से ज़्यादा corpus वाले non-government subscriber के लिए है, और government subscriber 60% पर ही हैं।
  • Annuity के 20% और 80% वाले आँकड़े एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल नहीं हो सकते: normal exit पर कम से कम 20% लगाना होता है, premature exit पर कम से कम 80%।
  • PFRDA जिस एकमुश्त रकम की इजाज़त देता है, वह अपने आप टैक्स-फ़्री नहीं हो जाती: Schedule II corpus के 60% को टैक्स से बाहर रखता है।

लोग अक्सर पूछते हैं

PRAN कौन जारी करता है?

Central Recordkeeping Agency, जो खाता भी रखती है और लेन-देन भी process करती है।

क्या Tier-II खाते से कभी भी पैसा निकाला जा सकता है?

हाँ। Tier-II अपनी मर्ज़ी का (voluntary) खाता है जिससे बिना रोक-टोक पैसा निकाला जा सकता है; Tier-I पेंशन खाता है जिसमें निकासी पर रोक है।

Superannuation पर government subscriber को कितना पैसा annuity में लगाना होता है?

Corpus का कम से कम 40%, छोटे बैलेंस के खास नियम को छोड़कर।

यह लेसन किन स्रोतों पर आधारित है

  • National Pension System के तहत exit और withdrawal पर PFRDA के regulations, दिसंबर 2025 में बदले हुए रूप में
  • NPS Vatsalya और Unified Pension Scheme पर PFRDA के स्कीम पेज
  • Income-tax Act, 2025 — sections 123, 124(2), 124(3), 124(4) और 202; Schedule II, Schedule III और Schedule XV
  • Income-tax Act, 1961 (1 अप्रैल 2026 से बदला गया) — sections 80CCD(1B) और 80CCD(2), पुराने नंबरों के लिए

इस लेसन के अंग्रेज़ी मूल को इन स्रोतों से मिलाकर स्वतंत्र रूप से जाँचा गया है (8 अक्टूबर 2026)। यह उसी का हिन्दी अनुवाद है, जिसे अंग्रेज़ी से मिलाकर अलग से जाँचा गया है। नियम बदलते रहते हैं: किसी भी आँकड़े पर भरोसा करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording देख लें। यह सिर्फ़ शिक्षा है, सलाह नहीं।

Trustner Group की ओर से मुफ़्त पढ़ाई। Trustner Academy, Trustner Group की एक शिक्षा पहल है। ग्रुप की कंपनियाँ insurance broking और निवेश सेवाओं में काम करती हैं, और इसके दफ़्तर बेंगलुरु, गुवाहाटी, कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई में हैं। यहाँ की हर चीज़ सिर्फ़ सीखने के लिए है — यह कोई सलाह, सिफ़ारिश या किसी प्रोडक्ट का ऑफ़र नहीं है। दी गई स्थितियाँ सिर्फ़ उदाहरण के लिए हैं। नियम और आँकड़े बदलते रहते हैं; किसी भी बात पर अमल करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording ज़रूर देख लें।