Mutual Funds कैसे काम करते हैं — NAV, यूनिट, Folio
यह लेसन mutual fund के भीतर निवेशक के पैसे का सफ़र दिखाता है: खरीद यूनिट में कैसे बदलती है, किस दिन का NAV लागू होता है, redemption की कीमत कैसे तय होती है और रकम कब मिलती है, और रिकॉर्ड कौन रखता है।
खरीद का रास्ता
खरीद का पैसा निवेशक के बैंक खाते से स्कीम के अपने बैंक खाते में जाता है। फिर लागू NAV पर यूनिट allot होती हैं, और fund manager पैसा निवेश करता है। खरीदी गई securities custodian के पास रहती हैं।
पैसा सीधे स्कीम के पास जाता है। डिस्ट्रीब्यूटर और platforms निवेशकों का पैसा या यूनिट अपने खातों में इकट्ठा (pool) नहीं कर सकते।
किस दिन का NAV लागू होता है
Liquid और overnight funds के अलावा दूसरी स्कीम में यूनिट उस दिन के NAV पर allot होती हैं, जिस दिन पैसा दोपहर 3:00 बजे तक स्कीम के पास पहुँचकर इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हो जाए। रकम कितनी भी हो, नियम यही है। पुरानी किताबों और लेखों में ₹2 लाख की एक सीमा लिखी मिलती है, जो अब नहीं है।
पैमाना यह है कि स्कीम पैसे का इस्तेमाल कब कर सकती है, यह नहीं कि ऑर्डर कब दिया गया। Liquid और overnight funds में खरीद का cut-off पहले है, दोपहर 1:30 बजे। अगर पैसा इस cut-off से पहले उपलब्ध है, तो खरीद पर पिछले दिन का closing NAV मिलता है।
यूनिट redeem करना
दोपहर 3:00 बजे तक मिले redemption request पर उसी दिन का NAV मिलता है। बाद में मिले request पर अगले business day का NAV मिलता है। Overnight funds में 1 जून 2025 से online redemption शाम 7:00 बजे तक लिए जाते हैं।
अगर exit load लागू है, तो repurchase price होता है NAV × (1 − exit load)। Load, NAV के 3% से ज़्यादा नहीं हो सकता और यह रकम वापस स्कीम में जमा होती है। Switch का मतलब है एक स्कीम से redemption और दूसरी में खरीद।
Redemption की रकम request के 3 working days के भीतर चुकानी होती है, और जिन स्कीम का 80% या उससे ज़्यादा निवेश विदेश में है, उनमें 5 working days के भीतर। Liquid funds के लिए एक दिन का कोई अलग नियम नहीं है। कुछ fund houses जल्दी भुगतान करते हैं, यह उनका चलन है। भुगतान में देर हो, तो AMC को 15% सालाना की दर से ब्याज देना पड़ता है।
रिकॉर्ड और statements
Registrar and transfer agent (RTA), AMC की ओर से लेन-देन प्रोसेस करता है और निवेशकों के रिकॉर्ड व folio रखता है। यह निवेश का कोई फ़ैसला नहीं लेता। Folio निवेशक का एक AMC के पास खाता है और इसमें उस AMC की कई स्कीम हो सकती हैं।
जिस महीने में कोई लेन-देन हो, उसका Consolidated Account Statement (CAS) अगले महीने की 15 तारीख तक भेजा जाता है। नहीं तो यह हर छह महीने पर भेजा जाता है। छह महीने वाले statement में डिस्ट्रीब्यूटर को दिया गया कमीशन भी रुपयों में दिखाया जाता है।
नियम एक नज़र में
ऑर्डर cut-off से पहले, पैसा उसके बाद
अर्जुन, 35 साल के, जयपुर में डिज़ाइनर हैं। वे सोमवार को दोपहर 2:40 बजे एक equity स्कीम में खरीद का ऑर्डर देते हैं। उनका बैंक ट्रांसफ़र स्कीम के खाते में पहुँचकर इस्तेमाल के लिए 3:20 बजे ही उपलब्ध हो पाता है।
सोमवार को दोपहर 3:00 बजे तक पैसा उपलब्ध नहीं था। इसलिए उनकी यूनिट अगले business day, यानी मंगलवार के NAV पर allot होती हैं। यह NAV सोमवार के NAV से ज़्यादा भी हो सकता है और कम भी।
Exit load के साथ redemption की कीमत (उदाहरण)
- मानी हुई रकमें: एक निवेशक का एक debt स्कीम की 1,000 यूनिट redeem करने का request मंगलवार को दोपहर 2:15 बजे मिलता है। मंगलवार का NAV ₹42.00 है और स्कीम का 1% का exit load लागू है।
- Request दोपहर 3:00 बजे से पहले आया, इसलिए मंगलवार का NAV लागू होगा।
- Repurchase price = NAV × (1 − exit load) = 42.00 × (1 − 0.01) = 42.00 × 0.99 = ₹41.58।
- मिलने वाली रकम = 1,000 × 41.58 = ₹41,580। Exit load है 1,000 × 0.42 = ₹420।
- भुगतान 3 working days के भीतर होना है: यानी शुक्रवार तक, अगर बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार working days हैं।
नतीजा। निवेशक को ₹41,580 मिलते हैं; gain पर कोई टैक्स बनता हो तो वह इसके बाद का हिसाब है। दोपहर 3:00 बजे के बाद मिले request पर अगले business day का NAV लगता।
मुख्य बातें
- पैसा निवेशक के बैंक से स्कीम के अपने बैंक खाते में जाता है; खरीदी गई securities custodian के पास रहती हैं।
- Liquid और overnight funds के अलावा दूसरी स्कीम में खरीद का NAV उस दिन का होता है, जिस दिन पैसा दोपहर 3:00 बजे तक इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हो; liquid और overnight funds में खरीद का cut-off दोपहर 1:30 बजे है।
- दोपहर 3:00 बजे तक मिले redemption request पर उसी दिन का NAV मिलता है; रकम 3 working days के भीतर चुकानी होती है (80% या उससे ज़्यादा विदेश में निवेश वाली स्कीम के लिए 5)।
- RTA निवेशकों के रिकॉर्ड रखता है और लेन-देन प्रोसेस करता है; यह निवेश का कोई फ़ैसला नहीं लेता।
आम ग़लतफ़हमियाँ
- ऑर्डर देने के समय से खरीद का NAV तय नहीं होता। पैसा cut-off तक स्कीम के पास इस्तेमाल के लिए उपलब्ध होना चाहिए।
- Liquid funds में एक दिन में भुगतान का कोई नियम नहीं है। हर स्कीम के लिए सीमा 3 working days है, और जल्दी भुगतान सिर्फ़ चलन है।
- RTA पैसा नहीं सँभालता। वह रिकॉर्ड रखता है और लेन-देन प्रोसेस करता है; निवेश के फ़ैसले fund manager लेता है।
लोग अक्सर पूछते हैं
Cut-off time होते ही क्यों हैं?
किसी दिन का NAV उस दिन की कीमतों से निकाला जाता है और ज़्यादातर स्कीम में रात 11 बजे तक बताया जाता है। Cut-off एक तय नियम से यह तय करता है कि लेन-देन को किस दिन का NAV मिलेगा।
दो स्कीम के बीच switch में क्या होता है?
यह एक स्कीम से redemption और दूसरी में खरीद है। इसलिए redemption वाले हिस्से पर redemption के नियम लगते हैं, exit load हो तो वह भी।
निवेशक के पास कितनी यूनिट हैं, इसका रिकॉर्ड कौन रखता है?
Registrar and transfer agent, AMC की ओर से। स्कीम की securities custodian के पास रहती हैं।
यह लेसन किन स्रोतों पर आधारित है
- SEBI Master Circular for Mutual Funds (20 मार्च 2026) — लागू NAV और cut-off timings, NAV disclosure, redemption का भुगतान (para 15.3), Consolidated Account Statement (para 15.7.4)
- SEBI (Mutual Funds) Regulations, 2026 (exit load की ऊपरी सीमा)
इस लेसन के अंग्रेज़ी मूल को इन स्रोतों से मिलाकर स्वतंत्र रूप से जाँचा गया है (8 अक्टूबर 2026)। यह उसी का हिन्दी अनुवाद है, जिसे अंग्रेज़ी से मिलाकर अलग से जाँचा गया है। नियम बदलते रहते हैं: किसी भी आँकड़े पर भरोसा करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording देख लें। यह सिर्फ़ शिक्षा है, सलाह नहीं।

