Alternative Investment Funds (AIF) · शुरुआती

AIF की बुनियाद

Alternative Investment Fund क्या है: SEBI में रजिस्टर्ड एक निजी तौर पर जुटाया गया (privately pooled) निवेश का ज़रिया, इसकी तीन categories, ₹1 करोड़ का न्यूनतम निवेश और किसे इससे छूट है, अवधि (tenure) और liquidity, AIF की आय पर टैक्स कैसे लगता है, और placement memorandum किस काम का है।

4 लेसनतथ्य-जाँच: 8 अक्टूबर 2026
  1. 01Alternative Investment Fund (AIF) क्या है?Alternative Investment Fund (AIF) निजी तौर पर पैसा जुटाने वाला निवेश का एक ज़रिया (privately pooled investment vehicle) है, जो SEBI में रजिस्टर्ड होता है। यह लेसन बताता है कि इसका मतलब क्या है, AIF पैसा कैसे जुटाता है, कौन और कितने लोग निवेश कर सकते हैं इस पर क्या सीमाएँ हैं, और इस ढाँचे के साथ कौन से जोखिम आते हैं।
  2. 02AIF की तीन Categories — I, II और IIISEBI के AIF Regulations हर Alternative Investment Fund को तीन categories में से एक में रखते हैं। यह लेसन बताता है कि Category I, II और III में कौन से फंड आते हैं, और category से फंड का ढाँचा और उधार लेने या leverage इस्तेमाल करने की उसकी छूट कैसे तय होती है।
  3. 03AIF पर टैक्स, अवधि (Tenure) और LiquidityAIF पर टैक्स और बाहर निकलने (exit) के नियम उसकी category पर निर्भर करते हैं। यह लेसन बताता है कि Category I और II के फंड के लिए pass-through टैक्स क्या है और वह कहाँ लागू नहीं होता, Category III कैसे अलग है, कम से कम tenure का नियम क्या है, और close-ended फंड के यूनिट illiquid क्यों होते हैं।
  4. 04₹1 करोड़ का न्यूनतम निवेश, Accredited Investors और Placement MemorandumSEBI ने AIF में हर निवेशक के लिए कम से कम ₹1 करोड़ का निवेश तय किया है। फंड के अपने कर्मचारियों और directors के लिए यह रकम कम है, और accredited investors को इससे छूट है। यह लेसन बताता है कि यह minimum क्या है, accredited कौन है, और placement memorandum में क्या लिखा होता है।

Trustner Group की ओर से मुफ़्त पढ़ाई। Trustner Academy, Trustner Group की एक शिक्षा पहल है। ग्रुप की कंपनियाँ insurance broking और निवेश सेवाओं में काम करती हैं, और इसके दफ़्तर बेंगलुरु, गुवाहाटी, कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई में हैं। यहाँ की हर चीज़ सिर्फ़ सीखने के लिए है — यह कोई सलाह, सिफ़ारिश या किसी प्रोडक्ट का ऑफ़र नहीं है। दी गई स्थितियाँ सिर्फ़ उदाहरण के लिए हैं। नियम और आँकड़े बदलते रहते हैं; किसी भी बात पर अमल करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording ज़रूर देख लें।