लेसन 2 / 4 · AIF की बुनियाद

AIF की तीन Categories — I, II और III

SEBI के AIF Regulations हर Alternative Investment Fund को तीन categories में से एक में रखते हैं। यह लेसन बताता है कि Category I, II और III में कौन से फंड आते हैं, और category से फंड का ढाँचा और उधार लेने या leverage इस्तेमाल करने की उसकी छूट कैसे तय होती है।

तथ्य-जाँच: 8 अक्टूबर 2026गेम में 3 प्रैक्टिस सवाल

Category क्यों मायने रखती है

हर AIF तीन categories में से एक में रजिस्टर्ड होता है। Category कोई quality rating नहीं है। यह पढ़ने वाले को बताती है कि फंड किस तरह का निवेश करता है, और यह तय करती है कि उस पर कौन से नियम लागू होंगे: उसका close-ended होना ज़रूरी है या नहीं, वह उधार ले सकता है या नहीं, और, जैसा आगे का एक लेसन बताता है, उसकी आय पर टैक्स कैसे लगता है।

Category I

Category I में venture capital फंड, angel फंड, SME फंड, social impact फंड, infrastructure फंड और special situation फंड आते हैं। Social impact फंड को पहले social venture फंड कहते थे।

इन सबमें एक बात एक जैसी है: निवेश शुरुआती दौर के कारोबारों, छोटे उद्यमों, social ventures, infrastructure या stressed assets में होता है। ये ऊँचे जोखिम वाले क्षेत्र हैं: जिन कंपनियों में निवेश हुआ है वे नाकाम हो सकती हैं, और close-ended फंड के यूनिट जब चाहें तब redeem नहीं किए जा सकते।

Category II

Category II की पहचान इस बात से होती है कि वह क्या नहीं है। यह बचा हुआ (residual) समूह है: कोई भी AIF जो न Category I में आता है, न Category III में। Private equity फंड, private credit (debt) फंड और real estate फंड इसके आम उदाहरण हैं।

Category II में होने के लिए फंड का किसी नाम वाली किस्म (sub-type) से मेल खाना ज़रूरी नहीं है। अगर वह Category I का फंड नहीं है और Category III वाली trading strategies और leverage का इस्तेमाल नहीं करता, तो उसकी जगह यहीं है।

Category III

Category III की परिभाषा यह है: ऐसे फंड जो तरह-तरह की या जटिल trading strategies अपनाते हैं और leverage का इस्तेमाल कर सकते हैं। Hedge फंड और long-short फंड इसके उदाहरण हैं।

Leverage का मतलब है फंड की अपनी पूँजी से बड़ा exposure लेना। यह मुनाफ़े और नुकसान, दोनों को कई गुना बढ़ाता है। इसलिए leverage वाला फंड बिना leverage वाले फंड के मुकाबले ज़्यादा तेज़ी से पूँजी गँवा सकता है।

ढाँचा और उधार

Category I और II का close-ended होना ज़रूरी है: फंड की एक तय अवधि होती है और वह माँगने पर यूनिट redeem नहीं करता। ये उधार नहीं ले सकते, सिवाय अस्थायी फंडिंग और रोज़मर्रा के कामकाज की ज़रूरतों के, और वह भी सीमाओं के अंदर। उधार का पैसा इनकी strategy का टिकाऊ हिस्सा नहीं हो सकता।

Category III के लिए नियम अलग हैं। यह open-ended या close-ended हो सकता है, और यह leverage का इस्तेमाल कर सकता है, SEBI की तय की हुई ऊपरी सीमा के अंदर। हर category में निवेशकों के सामने illiquidity, कीमत आँकने की अनिश्चितता और पूँजी डूबने की संभावना रहती है।

नियम एक नज़र में

Category IVenture capital, angel, SME, social impact, infrastructure और special situation फंडSEBI (Alternative Investment Funds) Regulations, 2012
Category IIवे फंड जो न Category I में हैं, न Category III मेंSEBI (Alternative Investment Funds) Regulations, 2012; जैसे private equity, private credit और real estate फंड
Category IIIतरह-तरह की या जटिल trading strategies; leverage का इस्तेमाल कर सकते हैंSEBI (Alternative Investment Funds) Regulations, 2012; जैसे hedge फंड और long-short फंड
ढाँचाCategory I और II: close-ended। Category III: open-ended या close-endedSEBI (Alternative Investment Funds) Regulations, 2012
Category I और II का उधार लेनासिर्फ़ अस्थायी फंडिंग और रोज़मर्रा के कामकाज की ज़रूरतों के लिए, सीमाओं के अंदरSEBI (Alternative Investment Funds) Regulations, 2012
उदाहरण

चार फंड को छाँटना

चार फंड लीजिए, जो असली नहीं हैं, सिर्फ़ समझाने के लिए माने गए हैं। पहला नई टेक्नोलॉजी कंपनियों में पैसा लगाता है और बदले में शेयर लेता है: यह venture capital फंड है, इसलिए Category I। दूसरा stressed assets में निवेश करता है: यह special situation फंड है, यह भी Category I।

तीसरा जमी-जमाई unlisted कंपनियों को कर्ज़ देता है: यह private credit फंड है, जो न Category I है, न Category III, इसलिए Category II। चौथा कुछ listed शेयर खरीदता है और कुछ दूसरे शेयरों में short positions लेता है, leverage के साथ: यह long-short फंड है, इसलिए Category III।

Category पढ़ने वाले को निवेश की किस्म और उससे जुड़े नियम बताती है। यह नहीं बताती कि कौन सा फंड अच्छा करेगा। चारों में पूँजी डूब सकती है।

मुख्य बातें

  • Category I: venture capital, angel, SME, social impact, infrastructure और special situation फंड।
  • Category II: वे फंड जो न Category I हैं, न Category III, जैसे private equity, private credit और real estate फंड।
  • Category III: तरह-तरह की या जटिल trading strategies अपनाने वाले फंड, जो leverage का इस्तेमाल कर सकते हैं; hedge फंड और long-short फंड इसके उदाहरण हैं।
  • Category I और II close-ended होते हैं और सिर्फ़ अस्थायी ज़रूरतों के लिए, सीमाओं के अंदर, उधार ले सकते हैं।
  • Category III open-ended या close-ended हो सकता है; leverage नुकसान को कई गुना बढ़ा सकता है।

आम ग़लतफ़हमियाँ

  • Category का नंबर जोखिम या quality की रैंकिंग नहीं है। यह निवेश की किस्म बताता है और तय करता है कि कौन से नियम लागू होंगे।
  • Category II नाम वाले फंड की किस्मों की कोई सूची नहीं है। यह उन फंड की बची हुई (residual) category है जो न Category I में हैं, न Category III में।
  • Category I और II के फंड उधार के पैसे पर नहीं चल सकते। वे सिर्फ़ अस्थायी ज़रूरतों के लिए, सीमाओं के अंदर, उधार ले सकते हैं।
  • Social venture फंड गायब नहीं हुए हैं। अब उन्हें social impact फंड कहते हैं और वे Category I में ही हैं।

लोग अक्सर पूछते हैं

Venture capital फंड किस category में आता है?

Category I में, उसी category में जिसमें angel फंड, SME फंड, social impact फंड, infrastructure फंड और special situation फंड आते हैं।

Category II की परिभाषा क्या है?

यह एक बची हुई (residual) category है: इसमें वे AIF आते हैं जो न Category I में आते हैं, न Category III में। Private equity, private credit और real estate फंड इसके आम उदाहरण हैं।

कौन सी category leverage का इस्तेमाल कर सकती है?

Category III, जो तरह-तरह की या जटिल trading strategies अपनाती है। Category I और II के फंड अस्थायी ज़रूरतें पूरी करने के अलावा उधार नहीं ले सकते।

यह लेसन किन स्रोतों पर आधारित है

  • SEBI (Alternative Investment Funds) Regulations, 2012 (14 जुलाई 2026 तक के संशोधनों के साथ)
  • SEBI Master Circular for Alternative Investment Funds, 3 जून 2026 (समय-समय पर अपडेट के साथ)

इस लेसन के अंग्रेज़ी मूल को इन स्रोतों से मिलाकर स्वतंत्र रूप से जाँचा गया है (8 अक्टूबर 2026)। यह उसी का हिन्दी अनुवाद है, जिसे अंग्रेज़ी से मिलाकर अलग से जाँचा गया है। नियम बदलते रहते हैं: किसी भी आँकड़े पर भरोसा करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording देख लें। यह सिर्फ़ शिक्षा है, सलाह नहीं।

Trustner Group की ओर से मुफ़्त पढ़ाई। Trustner Academy, Trustner Group की एक शिक्षा पहल है। ग्रुप की कंपनियाँ insurance broking और निवेश सेवाओं में काम करती हैं, और इसके दफ़्तर बेंगलुरु, गुवाहाटी, कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई में हैं। यहाँ की हर चीज़ सिर्फ़ सीखने के लिए है — यह कोई सलाह, सिफ़ारिश या किसी प्रोडक्ट का ऑफ़र नहीं है। दी गई स्थितियाँ सिर्फ़ उदाहरण के लिए हैं। नियम और आँकड़े बदलते रहते हैं; किसी भी बात पर अमल करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording ज़रूर देख लें।