जनरल इंश्योरेंस · मध्यम

मोटर इंश्योरेंस

भारत में मोटर इंश्योरेंस कैसे काम करता है: पॉलिसी के प्रकार, बीमित मूल्य और no-claim bonus का हिसाब कैसे होता है, own-damage और total-loss क्लेम, tribunal के सामने third-party क्लेम, धोखाधड़ी, और विवाद कैसे सुलझते हैं।

8 लेसनतथ्य-जाँच: 8 अक्टूबर 2026
  1. 01मोटर पॉलिसी के प्रकार (TP, Comprehensive, OD, Add-ons)भारत में मोटर कवर के तीन रूप — ज़रूरी third-party liability, standalone own damage और दोनों को जोड़ने वाली package पॉलिसी — साथ में owner-driver का personal accident कवर, compulsory deductible, third-party की लिमिट और add-ons से क्या बदलता है।
  2. 02IDV — हिसाब के उदाहरणों के साथInsured Declared Value क्या है, manufacturer की listed selling price और गाड़ी की उम्र से यह कैसे निकलती है, accessories और CNG kit के साथ क्या होता है, और ज़्यादा या कम IDV से असल में क्या बदलता है।
  3. 03NCB का हिसाब और ट्रांसफ़र के नियमNo Claim Bonus बिना क्लेम वाले सालों का इनाम own-damage प्रीमियम पर छूट के रूप में कैसे देता है: 20% से 50% तक का scale, क्लेम का असर, रिन्यूअल की 90 दिन की मोहलत, और बोनस नई गाड़ी या नई बीमा कंपनी के पास कैसे जाता है।
  4. 04क्लेम का निपटारा (Partial Loss)जिस own-damage क्लेम में मरम्मत हो सकती है, वह कैसे settle होता है: partial loss किसे गिनते हैं, बदले गए पुर्ज़ों पर depreciation, deductible, cashless का रास्ता, लाइसेंस वाला surveyor कब ज़रूरी है और आज लागू क्लेम की समय-सीमाएँ।
  5. 05Total Loss और Constructive Total Lossगाड़ी को total loss या constructive total loss कब माना जाता है, IDV पर टिका settlement कैसे चलता है, wreck और बकाया कर्ज़ का क्या होता है, और चोरी के क्लेम और Return to Invoice इसमें कहाँ आते हैं।
  6. 06Motor Accident Claims Tribunal (MACT)Motor Accident Claims Tribunal क्या है, इसमें कौन आवेदन कर सकता है, section 164 के तहत बिना गलती साबित किए मिलने वाला तय मुआवज़ा, गलती पर टिके award में multiplier कैसे लगता है, और third-party बीमा कंपनी को कहाँ तक देना पड़ता है।
  7. 07मोटर इंश्योरेंस की आम धोखाधड़ियाँमोटर इंश्योरेंस में धोखाधड़ी किसे कहते हैं, क्लेम के समय यह आम तौर पर किन रूपों में होती है, बीमा कंपनियाँ इसे कैसे पकड़ती हैं, और पॉलिसीधारकों, गैराजों और intermediaries के लिए इसके कानूनी और पेशेवर नतीजे क्या हैं।
  8. 08विवाद: Arbitration, Ombudsman और शिकायतेंआज मोटर पॉलिसीधारक क्लेम का झगड़ा कहाँ ले जा सकता है — बीमा कंपनी का grievance officer, Bima Bharosa, Insurance Ombudsman और consumer commissions — और arbitration, जो कभी एक standard clause था, अब retail पॉलिसी में क्यों नहीं होता।

Trustner Group की ओर से मुफ़्त पढ़ाई। Trustner Academy, Trustner Group की एक शिक्षा पहल है। ग्रुप की कंपनियाँ insurance broking और निवेश सेवाओं में काम करती हैं, और इसके दफ़्तर बेंगलुरु, गुवाहाटी, कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई में हैं। यहाँ की हर चीज़ सिर्फ़ सीखने के लिए है — यह कोई सलाह, सिफ़ारिश या किसी प्रोडक्ट का ऑफ़र नहीं है। दी गई स्थितियाँ सिर्फ़ उदाहरण के लिए हैं। नियम और आँकड़े बदलते रहते हैं; किसी भी बात पर अमल करने से पहले मौजूदा regulation, scheme document या policy wording ज़रूर देख लें।